रिपोर्टर श्याम सुन्दर 7983374835
झबरेड़ा में जिस तरह “किसान चौक” है “अमर जवान चौक” है इस तरह झबरेड़ा में डॉ भीमराव अंबेडकर चौक भी बनाया गया है और जहां पर बाबा साहब की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। लेकिन अंबेडकर प्रतिमा का कद इतना छोटा है कि नजर नहीं आ रही प्रतिमा जिसको लेकर आज भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी कार्यकर्ता भड़क उठे और क्षेत्र के नेताओं पर राजनीति करने के आरोप लगाए, आपको बताते चलें की डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक का लोकार्पण समारोह विवादों के केंद्र में आ गया है, जहाँ कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति को न केवल विपक्ष और बहुजन समाज के आक्रोश का सामना करना पड़ है, बल्कि ‘अपनों’ की बेरुखी ने उनकी राजनीतिक साख पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत झबरेड़ा के लगभग 12.50 लाख रुपये के बजट से तैयार इस चौक के कार्यक्रम से निकाय अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी, निकाय कर्मचारियों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गौरव चौधरी की रहस्यमयी अनुपस्थिति को एक बड़े ‘राजनीतिक विद्रोह’ के रूप में देखा जा रहा है।
अंबेडकर प्रतिमा के छोटे कद को लेकर भड़के आजाद समाज पार्टी नेता महक सिंह

और साथ ही अंबेडकर प्रतिमा के ‘छोटे कद’ और स्वरूप को लेकर आज़ाद समाज पार्टी नेता महक सिंह ने विधायक पर बाबा साहेब के अपमान और बजट में धांधली के सीधे सीधे आरोप लगाए हैं, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने सुधार नहीं किया तो समाज स्वयं भव्य प्रतिमा स्थापित करेगा और इस ‘अधूरे’ कार्य के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।
भीम आर्मी प्रदेश महासचिव सुशील पाटिल बोल महापुरुषों का नेता कर रहे अपमान

वही भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव सुशील पाटिल ने कहा की अपने महापुरुषों का सरासर यह नेता लोग अपमान कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि बहुजन समाज कोई कमजोर समझ नहीं है बहुजन समाज चाहे तो जितनी बड़ी प्रतिमा चाहे उतनी बड़ी लगा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो यह प्रतिमा लगाई गई है यह प्रतिमा तो भव्य होनी चाहिए थी लेकिन अफसोस की बात है इतने छोटे कद की प्रतिमा लगाई गई है। जो बहुजन समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
राज्यमत्री देशराज कर्णवाल ने कहा बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना बन रहे विधायक

दूसरी ओर, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल के द्वारा बताया गया की यह अंबेडकर चौक है लेकिन श्याम पट पर आसपास कहीं भी अंबेडकर चौक नहीं लिखा है वहीं उन्होंने विधायक पर हमला बोलते हुए कहां की बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ने बन जाए और बताया की यह प्रोजेक्ट को अपने कार्यकाल की उपलब्धि बताते हुए विधायक की कोशिशों को ‘हास्यास्पद’ करार दिया है,

जबकि विधायक वीरेंद्र जाति तकनीकी खामियों का हवाला देकर अपना बचाव करते नजर आए; कुल मिलाकर इस घटनाक्रम ने झबरेड़ा की राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है और क्या विधायक की भविष्य की राह को मूर्ति अनावरण के बाद से मुश्किल बना दिया है।
