हरिद्वार। पावन पर्व नवरात्रि के शुभ अवसर पर आगामी 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक हरिद्वार के दहियाकी शिव मंदिर में नौ दिवसीय विशेष ‘माँ बगलामुखी महायज्ञ’ का अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी के शिष्य एवं मंदिर के महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने बताया कि इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की मान्यताओं की रक्षा, समाज में बहन-बेटियों की सुरक्षा और धर्म के मार्ग में आने वाली बाधाओं के निवारण हेतु आध्यात्मिक शक्ति संचित करना है। उन्होंने माँ बगलामुखी के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दस महाविद्याओं में आठवीं शक्ति माँ बगलामुखी को ‘स्तंभन’ और ‘विजय’ की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, जिनकी साधना से साधक को कोर्ट-कचहरी, विवादों और जीवन के कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है। प्रतिदिन सूर्यास्त के पश्चात होने वाले इस महायज्ञ में विशेष तांत्रिक विधानों और पीतांबरा पूजा पद्धति का पालन किया जाएगा। महंत रामस्वरुपानन्द ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माँ बगलामुखी ने सृष्टि की रक्षा हेतु स्तंभन शक्ति का प्रयोग किया था, अतः इसी भावना के साथ यह यज्ञ मानवता के कल्याण और धर्म के विरुद्ध सक्रिय नकारात्मक शक्तियों के आध्यात्मिक शमन के लिए समर्पित रहेगा।
